मोटापा

 मोटापा

यह एक रोग है, जिसका वास्तविक कारण निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता, परन्तु विभिन्न प्रकार के रहन-सहन एवं खान-पान को मुख्य कारण मान सकते हैं । इससे अन्त:स्त्रावी ग्रन्थियों के स्त्राव में बदलाव आता है तथा चयापचय की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है ।

ऐसे लोगों में मुख्य रूप से जरूरत से ज्यादा भोजन करने, लगातार कुछ न कुछ खाते रहने, भोजन को बिना चबाये खाने, रात्रि में भोजनों के बाद तुरंत सो जाने और शारीरिक श्रम से बचने के आदत देखी गयी है । मोटापा से शरीर बेडोल हो जाता है, मधुमेह, रक्तचाप, हृदयरोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है तथा मानसिक तनाव एवं अवसाद भी होने लगता है ।

मोटापा से बचाव के लिए संतुलित आहार एवं शारीरिक परिश्रम को नियंत्रित करने की आवश्यकता आवश्यकता होती है जिसमें योगआसन एवं प्राणायाम प्रमुख हैं जो घर में भी किये जा सकते हैं । इससे आधा से एक किलो वजन प्रति सप्ताह की दर से कम किया जा सकता है । इसके लिए निम्नलिखित आसन किये जा सकते हैं


1.       एकपाद उत्तांग आसन

2.       उत्तांग पाद आसन

3.       भुजंग आसन

4.       शलभ आसन

5.       संतुलन आसन

6.       पवनमुक्तासन

7.       सूर्य नमस्कार

8.       धनुर आसन

9.       अर्धवक्र आसन

10.  पश्चिमोत्तासन

11.  सुत बज्रासन

12.  मंडूक आसन


13.  360 डिग्री का जमीन पर चक्र लगाना (लेटते हुए इस प्रकार रोल करना जिससे पेट पर जोर पड़े)

ये सभी आसन क्रमश: शक्ति अनुसार कम से कम 120 मिनट प्रतिदिन कई फेज में करना चाहिए परन्तु भोजन एवं आसन के बीच कम से कम तीन घण्टे का अन्तराल हो । प्रात: एवं सांयकाल (6 – 8 बजे) का समय उत्तम होता है ।

आसन के साथ पंचकर्म: अच्छा लाभ लेने के लिए तीन दिन तक स्नेहन स्वेदन का पूर्व कर्म कराना चाहिए तदोपरान्त तीन दिन तक विरेचन का कार्यक्रम सम्पादित करना चाहिए जिससे शरीर एवं आंत में संचित मल एवं विषैले पदार्थ निकल जाते हैं तथा पाचन क्रिया सुधर जाती है भूख कम लगती है एवं जो खाते हैं उसका पाचन सुचारू रूप से हो जाता है ।

नेचुरोपैथी के अंतर्गत, जल शिरोधारा एवं डिटॉक्स बाथ या बेलेनो थिरैपी का प्रयोग करना चाहिए । यह पूरा पैकेज 10 दिन का करने के बाद आप अपने घर पर योग आसन एवं खान-पान को नियंत्रित करके एक महीने में कम से कम 4 किलो वजन घटा सकते है तथा शरीर के स्नायु तन्त्र एवं व्याधि क्षमत्व (रोगों से लड़ने की शारीरिक क्षमता) को बढ़ा सकते है । साथ में भोजन एवं मसालों के प्रयोग आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित व्यक्ति के प्रकृति के अनुसार किया जाना चाहिये ।

धन्यवाद

 

प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी

सी.ई.ओ. – यामिनी इन्नोवेशन्स

एवं पूर्व संकाय प्रमुख, आयुर्वेद, बी.एच.यू.

मो. नं. +91-9170097448

ईमेल: yaminiinnovationsllp@gmail.com


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